आरजेएस पीबीएच ने अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मनाया - December 22, 2024

 






प्रेस विज्ञप्ति 22-12-2024


दीदीवार जीवन ज्योति के सहयोग से आरजेएस पीबीएच ने मानव एकजुटता दिवस मनाया.

गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन् की जयंती पर आरजेसियंस ने दी श्रद्धांजलि.

नई दिल्ली। "रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन और इंटरनेट आदि किसी व्यक्ति की खोज थी, लेकिन उसका फायदा विश्व समुदाय को मिल रहा है। तन-मन-धन से यथासंभव विश्व को कुछ देने की प्रवृत्ति से ही इतिहास निर्माण होता है। सुरजीत सिंह दीदेवार ने अपने व्याख्यान में ये बात कही। आगे उन्होंने कहा कि 
देश में रहे या विदेश में अपनी जड़ों से जुड़े रहने की शिक्षा में ही संस्कार है। दुनिया में प्रकृति का ज्ञान नहीं होने की वजह से लोग अपने और दूसरों के इष्ट देव में भेदभाव करते हैं वहीं पर विश्व परिवार की मानव एकजुटता बाधित होती है।" राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस(आरजेएस पीबीएच) के 298वें कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस में इन सकारात्मक 
बातों को मोटिवेशनल स्पीकर सुरजीत सिंह दीदेवार ने कहा। 
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस घोषित किया है। 22 दिसंबर को कार्यक्रम में गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर आरजेसियंस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
 आरजेएस पीबीएच के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में दीदेवार जीवन ज्योति के सहयोग से ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।
श्री दीदेवार ने आरजेसियंस के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि प्रकृति की तरह बिना भेदभाव करते हुए हमें विश्व परिवार को एक समान और सम्मान की दृष्टि से देखने का भाव रखना चाहिए। डिप्रेशन पर सवाल के जवाब में श्रीदीदेवार ने कहा कि अवसाद की स्थिति तब होती है जब किसी एक सोच पर स्मृति रुक जाती है। ऐसी स्थिति में अभ्यास के सकारात्मक सोच द्वारा व्यक्ति को अवसाद से बाहर निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में बच्चों को ज्ञान देना और थोपना दोनों अलग-अलग बातें हैं । बच्चों को सात-सात साल की अवधि में चरणबद्ध तरीके से अभिभावक दिशा दे सकते हैं । मां-बाप ,परिवार और बच्चे दूर रह सकते हैं ,लेकिन दूरियां नहीं रहनी चाहिए। प्रवासी भारतीयों को चाहिए कि वह जहां भी रहे , अपनी जड़ों से जुड़े रहें, ताकि उनकी अगली पीढ़ी भारतीय संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन 
में मनसा-वाचा-कर्मणा एक समान हो सके।
इस अवसर 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर आरजेसियंस के "नये संकल्प -जो कहेंगे सो करेंगे" पर चर्चा हुई। साथ ही 15 जनवरी 2025 के 
कार्यक्रम में प्रवासियों के सम्मान में मीडिया कांफ्रेंस की सूचना दी गई। कार्यक्रम के अंत में श्री मन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंतीपुर राष्ट्रीय किसान दिवस पर 23 दिसंबर को सायं 6 बजे से आरजेएस पीबीएच के वेबिनार की घोषणा की ।
कार्यक्रम में बिन्दा मन्ना,स्वीटी पॉल,आरएस कुशवाहा,मयंक, डा.पुष्कर बाला, आकांक्षा, इशहाक खान, सत्येंद्र त्यागी,सुमन त्यागी,सुदीप साहू आदि शामिल हुए ।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

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