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आरजेएस वेबिनार में जेन जी और जेन अल्फा के समग्र विकास , संस्कार, अनुशासन और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेषज्ञों का जोर रहा 
उदय शंकर सिंह कुशवाहा की नातिन मानुषी के पांचवें जन्मदिन पर आरजेएस ने  जागरूकता कार्यक्रम किया 
31 अगस्त को आरजेएस पीबीएच पाॅजिटिव मीडिया न्यूज लेटर का लोकार्पण और राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर चर्चा करेगा.
आरजेएस युवा टोली, पटना सितंबर में सात विडियो संदेश वहीं टीआरडी27की  स्वीटी पाॅल व नीति अरोड़ा 29 सितंबर को कार्यक्रम को-होस्ट करेंगी।

नई दिल्ली
बदलते सामाजिक परिवेश में नई पीढ़ी यानी जेन जी और जेन अल्फा को सही दिशा देने के लिए परिवारों में संवाद, शिक्षण संस्थानों में संस्कार आधारित अनुशासन और रोजगारोन्मुखी व्यावहारिक शिक्षा का समावेश बेहद जरूरी है। सकारात्मक पत्रकारिता को समर्पित मंच आरजेएस पीबीएच - आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने  30 अगस्त को 639वें राष्ट्रीय वेबिनार का संयोजन व संचालन किया। उन्होंने 1 से 7 सितंबर तक मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पोषण सप्ताह और आरजेएस युवा टोली द्वारा जारी किए जाने वाले जीवन निर्माण वीडियो संदेशों की रूपरेखा भी साझा की। टीआरडी27 की सदस्या नीति अरोड़ा ने 29 सितंबर 2026 विश्व हृदय दिवस का कार्यक्रम स्वीटी पाॅल के साथ को-होस्ट करने की घोषणा की।

आरजेएस पॉजिटिव ब्रांच नोएडा के मानद प्रभारी उदय शंकर सिंह कुशवाहा की नातिन मानुषी के 30 अगस्त पांचवें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष परिचर्चा का मुख्य विषय युवाओं के सकारात्मक मूल्यों का विश्लेषण और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निर्माण रहा। श्री कुशवाहा ने अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर मानुषी ने केक काटा और सभी ने उसे ढेर सारी बधाइयां दीं। वेबिनार में 
मानुषी के देशभक्ति नृत्य की विडियो प्रस्तुत की गई।

मुख्य अतिथि के रूप में शांतिकुंज हरिद्वार के विदेश विभाग समन्वयक प्रो. प्रमोद भटनागर ने कहा कि बच्चे उपदेशों से नहीं, बल्कि बड़ों के आचरण से सीखते हैं। उन्होंने बच्चों के चरित्र निर्माण के लिए पांच बुनियादी सिद्धांतों पंचशील का उल्लेख किया, जिनमें मधुर व्यवहार, परिश्रमशीलता, मितव्ययिता, परस्पर सहयोग और सुव्यवस्था शामिल हैं। प्रो. भटनागर ने रेखांकित किया कि बाहरी चमक-दमक के बजाय आंतरिक गुणों और दृष्टिकोण को परिष्कृत करना आवश्यक है। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकार हर नागरिक को सरकारी नौकरी नहीं दे सकती, इसलिए युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ लघु उद्योगों और आत्मनिर्भर बनाने वाले कौशलों की ओर उन्मुख होना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि और ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक प्रशिक्षक बीके मेधा बहन ने विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव पर चिंता व्यक्त की। अल्बर्ट आइंस्टीन के विचारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान साधन और सूचना उपलब्ध कराता है, जबकि आध्यात्मिकता उसे सही दिशा देती है। उन्होंने पतंग का दृष्टांत देते हुए समझाया कि मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्य उस डोर की तरह हैं जो स्वतंत्रता को सार्थक बनाए रखते हैं। उन्होंने अभिभावकों को चेताया कि वे अपनी अधूरी इच्छाओं का बोझ बच्चों पर न लादें और घरेलू माहौल को सकारात्मक बनाए रखें ताकि बच्चे अवसाद और भय से मुक्त रह सकें।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और दिल्ली मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष डॉ. नरेश चावला ने पीढ़ियों के सामाजिक बदलाव का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों के दौर से एकल परिवारों और इंटरनेट युग में पहुंचे बच्चों को सुख-सुविधाएं तो मिल रही हैं, लेकिन पारिवारिक समय और भावनात्मक समर्थन का अभाव महसूस हो रहा है। डॉ. चावला ने खेल और कला जगत के दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों की स्वाभाविक रुचि को पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने जापान की प्राथमिक शिक्षा प्रणाली का हवाला देते हुए बताया कि वहां बच्चों को औपचारिक पढ़ाई से पहले स्वच्छता, शिष्टाचार और नागरिक अनुशासन सिखाया जाता है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उनके साथ मित्रवत संवाद स्थापित करने की सलाह दी।

सत्र के दौरान प्रतिभागी स्वीटी पॉल और नीति अरोड़ा ने प्राथमिक विद्यालयों में सकारात्मक दृष्टिकोण के पाठ्यक्रम और सामाजिक माध्यमों के नकारात्मक प्रभावों से बचाव को लेकर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राकेश मौर्य ,दिनेश कुमार कुशवाहा ,बृजानंद प्रसाद ,पवन कुमार , मयंक सुषमा शर्मा, तन्मय पाण्डया,सरिता कपूर ,धर्मेंद्र कुमार ,संदीप साहू अमृता घई , डॉ मुन्नी कुमारी, आकांक्षा और महाराज सिंह आदि शामिल हुए।
कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह कुशवाहा, स्वीटी सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने विचार रखे और युवा पीढ़ी को भटकाव से बचाकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने के संकल्प के साथ संगोष्ठी संपन्न हुई।
आरजेएस के राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने संगठन की ग्यारह वर्षों की विकास यात्रा और वर्ष 2047 तक चलने वाले सकारात्मक भारत दस्तावेजीकरण अभियान की जानकारी दी।

आरजेएस कार्यक्रम में महिला समानता ,ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम पर महिला अधिकार और कर्तव्य पर हुआ संवाद  

 आरजेएस पॉजिटिव मीडिया का राष्ट्रीय कार्यक्रम: महिला समानता की शुरुआत घर और सकारात्मक सोच से होना जरूरी
आरजेएस कार्यक्रम में बीके शिवांगी बहन ने मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए संक्षिप्त ध्यान अभ्यास कराया ।
नई दिल्ली
लैंगिक समानता केवल कानूनी प्रावधानों और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी वास्तविक शुरुआत परिवार के भीतर समान परवरिश, घरेलू कार्यों के साझा बंटवारे और आंतरिक आत्मसम्मान से होनी चाहिए। RJS POSITIVE MEDIA YT LIVE BROADCAST -WEBINAR  LINK https://www.youtube.com/live/OaJwUXhxBjA?si=K6L4MUmT8hmlD4xW
आरजेएस पीबीएच -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया आंदोलन के तहत भारत मंडपम,नई दिल्ली की उप प्रबंधक (सेवा निवृत्त)अमृता घई द्वारा 26 मई 2026 को सह-आयोजित यह 636वां वेबिनार महिलाओं के अधिकार, समानता और पारिवारिक जिम्मेदारियों के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित था। अतिथियों में बीके शिवांगी, शहला निगार और जयति ओझा ने अधिकारों की बातचीत के साथ कर्तव्यों के निर्वहन पर भी समान रूप से ध्यान दिलाया। प्रतिभागियों में उदय शंकर सिंह कुशवाहा, स्वीटी पाॅल, सरिता कपूर,राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, राकेश मौर्य,बृजानंद प्रसाद, डा.मुन्नी कुमारी ,नीति अरोड़ा,आकांक्षा, मयंक और बिन्दा मन्ना आदि शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संस्था के संस्थापक व संयोजक उदय कुमार मन्ना ने कहा कि महिला समानता दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद के जन्मदिन,मदर टेरेसा की जयंती और देश के ओणम जैसे विभिन्न सांस्कृतिक पर्वों का स्मरण करते हुए कहा कि कहा कि 1920 में 26 अगस्त को अमेरिकी संविधान संशोधन के साथ महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला,जिसे 1971 में महिला समानता दिवस के रूप में मान्यता मिली।
भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ), भारत मंडपम की सेवानिवृत्त उप प्रबंधक अमृता घई ने अपने व्यक्तिगत जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपनी बेटी को आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा और करियर को बेटों के समान प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में माउंट आबू, राजस्थान से मुख्य अतिथि के रूप में जुड़ीं ब्रह्माकुमारीज संस्थान, आबू राज की प्रेरक वक्ता बीके शिवांगी बहन ने सशक्तिकरण के आध्यात्मिक और मानसिक पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समानता की नींव व्यक्ति की अपनी सोच और आत्मसम्मान पर टिकी होती है। जब महिलाएं स्वयं को दुर्बल मानने के बजाय अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानती हैं, तब उनके दृष्टिकोण और आचरण में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दूसरों से अधिकार और सम्मान मांगने के बजाय अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ बनाकर सकारात्मक योगदान देने वाला बनना चाहिए। सत्र के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए संक्षिप्त ध्यान अभ्यास भी कराया।

दूरदर्शन (डीडी न्यूज) की वरिष्ठ पत्रकार और एंकर शहला निगार ने समानता के व्यावहारिक और पारिवारिक अनुभवों को साझा किया। अपने परिवार का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उनके घर में भाई-बहनों के बीच कार्यों का कोई भेदभाव नहीं था और नाम में भी माता-पिता दोनों की पहचान को स्थान दिया गया। 

अधिवक्ता एवं लेखिका डॉ. जयती ओझा ने कहा कि स्त्री और पुरुष का संबंध किसी प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि आपसी तालमेल और संतुलन का है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता के विकास में दोनों की भूमिका पहियों के समान रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि महिलाएं आज सीमाओं की रक्षा से लेकर हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं। उनके अनुसार, अधिकारों की चेतना के साथ-साथ मर्यादा और परस्पर सम्मान का भाव बना रहना चाहिए ताकि सामाजिक ताना-बाना मजबूत रहे।

शहला निगार ने कहा कि भेदभाव की शुरुआत अक्सर घर से होती है, जब लड़कों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं और लड़कियों को दोयम समझा जाता है। निगार ने संपत्ति में महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बावजूद सामाजिक संकोच और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की निर्बाध आवाजाही को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समानता तभी सार्थक होगी जब समाज सड़कों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की मौजूदगी को बिना किसी समय-सीमा के सहज रूप से स्वीकार करेगा।

वेबिनार में भाग लेते हुए स्वीटी पॉल ने कामकाजी महिलाओं के प्रति पारिवारिक प्रोत्साहन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में संस्कारों के निर्माण के लिए बच्चों को समय और मार्गदर्शन देना अत्यंत आवश्यक है। वहीं सरिता कपूर ने रक्षाबंधन पर्व के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि आधुनिकता और अधिकारों के साथ पारिवारिक मर्यादाओं और कर्तव्यों का पालन भी जरूरी है। कारगिल युद्ध से जुड़े रहे पूर्व सैनिक बृजानंद प्रसाद ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के प्रति स्थानीय समाज के सम्मान और रक्षाबंधन के अनुभवों को साझा किया। युवा प्रतिभागी नीति अरोड़ा ने परिवार में बेटी और बहू के प्रति दृष्टिकोण में आने वाले अंतर की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए समानता को पारिवारिक व्यवहार में पूरी तरह उतारने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में उदय मन्ना ने आगामी आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को युवा पीढ़ी और बच्चों के सकारात्मक मूल्यों पर केंद्रित आरजेएस का 339 वां विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें शांतिकुंज हरिद्वार के प्रोफेसर प्रमोद भटनागर, ब्रह्मा कुमारीज संस्थान दक्षिण दिल्ली की बीके मेधा बहन और अधिवक्ता मोनिका जैन शामिल होंगी। 
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1-7 सितंबर)की पूर्व संध्या पर आरजेएस का 640वां कार्यक्रम 31 अगस्त 2026 को आरजेएस के राष्ट्रीय ऑब्जर्वर दीप माथुर की अगुवाई में संगठन का मासिक न्यूजलेटर "पाॅजिटिव मीडिया"  जारी किया जाएगा।

नर सेवा, नारायण सेवा में विश्वास रखता है महामाई सेवा न्यास -साहनी
नई दिल्ली। चांदनी चौक, लालकिले के सामने लाजपतराय मार्केट में महामाई सेवा न्यास पंजी के माध्यम से निशुल्क डिस्पेंसरी का उद्घाटन स्थानीय विधायक पुनरदीप सिंह साहनी के करकमलों द्वारा किया गया। 
उद्घाटन समारोह में श्री साहनी ने कहा,नर सेवा नारायण सेवा में विश्वास करते हुए महामाई सेवा न्यास (पंजी)के स्वर्गीय श्री रमेश बजाज साहब ने जो पौधा लगाया था, उसे अब न्यास के पदाधिकारियों और सदस्यों ने इसे वटवृक्ष के रुप में विकसित कर दिया है।इस इलाके में डिस्पेंसरी का होना वक्त की मांग थी,जिसे न्यास ने पूरा किया।
न्यास के प्रमुख भारत भूषण ने बताया,कि लाजपतराय मार्केट सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में हजारों मजदूर भाई दिन-रात काम करते हैं,कई बार वे बीमार हो जाते हैं, प्राईवेट डाक्टरों का खर्चा वो वहन नही कर पाते, इसलिए यहां निशुल्क रुप से बाऊजी रमेश बजाज जी के सपने को साकार करते हुए निशुल्क डिस्पेंसरी बनाई गई है,जो रविवार को छोड़कर प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक सूर्या हास्पिटल के वरिष्ठ डाक्टर दीपक राजपूत (फिजिशयन) के सानिध्य में पीडितो का ईलाज करेंगे और निशुल्क दवाईयो का भी वितरण करेंगे।
इस अवसर पर सुदर्शन बजाज, जगवीर सिंह बीरा, श्रीमोहन चोपड़ा, राकेश अरोडा, दिनांक अरोड़ा,नंदी कपूर, बलबीर सिंह, महेंद्र वर्मा,अनुज बजाज,वीरु सिंधी,सुभाष बंगाली,आनंद रोहिल्ला,संजय शर्मा, अतुल निंद्रायोग, कंवलजीत सिंह, चन्द्रशेखर ढींगरा,आशीष बंसल, सत्यनारायण कामा, श्यामलाल सचदेवा, मनमोहन चोपड़ा,दीपक बजाज, आर्यन बजाज, प्रेमनारायण गुप्ता, जितेन्द्र सोनी आदि मौजूद थे। तत्पश्चात न्यास की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया।

सकारात्मक मीडिया को जन-अभियान बनाने के संकल्प के साथ आरजेएस आजादी पर्व पखवाड़े के समापन पर सहयोगी सम्मानित.

मारवाह स्टूडियोज में पाॅजिटिव‌ मीडिया फैमिली के लिए फिल्म-टीवी-मीडिया वर्कशॉप का होगा आयोजन - डा.संदीप मारवाह 

नई दिल्ली। आरजेएस पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस(आरजेएस पीबीएच) द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 15 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आजादी पर्व पखवाड़े का समापन रविवार को एक विशेष वेबिनार के साथ हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए पटना से शिक्षिका डा.मुन्नी कुमारी ने कहा कि आरजेएस के सकारात्मक आंदोलन का दस्तावेजीकरण एक अद्भुत कार्य है। राष्ट्र प्रथम: वंदे मातरम् से वसुधैव कुटुम्बकम् तक की सकारात्मक सोच के साथ आज हम वैश्विक स्तर पर सकारात्मक क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुके हैं।‌ उन्होंने सितंबर महीने में शिक्षा, न्याय और महापुरुषों के योगदान पर परिचर्चा आयोजित करने का संकल्प लिया। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं  आफ्ट यूनिवर्सिटी मीडिया एंड आर्ट्स, मारवाह स्टूडियोज तथा नोएडा फिल्म सिटी के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह ने कहा कि आज देश में समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, प्रसारण चैनलों और डिजिटल माध्यमों का दायरा अत्यधिक विस्तृत हो चुका है। ऐसे समय में मीडियाकर्मियों को प्रामाणिक जानकारी, शोध और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। डॉ. मारवाह ने इस अवसर पर घोषणा की कि सोशल मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े आरजेएस के साथियों को नई तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए मारवाह स्टूडियोज में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उन्होंने आत्मनिर्भरता के विविध आयामों को रेखांकित करते हुए युवाओं से महत्वाकांक्षी, तकनीक-सक्षम, स्व-प्रेरित और परिणाम-उन्मुख बनने का आह्वान किया।

लंदन से जुड़े आरजेएस पॉजिटिव ब्रांच के मानद प्रभारी और इंडियन वेजिटेरियन एंड वीगन सोसाइटी के संस्थापक नितिन मेहता ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी संस्कृति, योग और शाकाहार के प्रसार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की सही छवि प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विदेशी समाचार माध्यमों में आने वाली एकतरफा या भ्रामक खबरों का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए प्रवासी समाज लगातार सक्रिय रहता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बच्चों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों की नींव घर और परिवार से ही मजबूत होती है, इसलिए हम इसपर नये संकल्पों के साथ कार्य करेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टेम्पल ऑफ अंडरस्टैंडिंग इंडिया फाउंडेशन के महासचिव डॉ. ए. के. मर्चेंट ने राष्ट्र-प्रथम और वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांतों को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. मर्चेंट ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के जरिए सरकारी स्कूलों में हो रहे सुधारों और कौशल विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों के आंकड़ों का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि टेम्पल ऑफ अंडरस्टैंडिंग ने युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए मानव रचना विश्वविद्यालय के साथ जो  समझौता है,उससे आरजेएस परिवार को जोड़ने का संकल्प जल्दी ही परिणाम दायक होगा।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक दीप माथुर ने आजादी पर्व अंतरराष्ट्रीय पखवाड़े में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए डिजिटल सम्मान पत्रों की घोषणा की। इनमें आरजेएस युवा पटना, नोएडा शाखा, लंदन शाखा, इंस्पायरिंग इंडियन वुमेन, लंदन & भारत, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन नोएडा और दिल्ली मेट्रोपोलिटन एजुकेशन, नोएडा, आरजेएस टेक्निकल और क्रिएटिव टीम, आरडी फूड प्रोडक्ट्स, ग्रेटर नोएडा,दिल्ली डायरी न्यूज़ आदि शामिल हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए आरजेएस के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत‌ किया और बताया कि पाॅजिटिव मीडिया आंदोलन को अब विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों तक ले जाया जाएगा, इससे जन आंदोलन का आगाज होगा।

दिल्ली मेट्रोपोलिटन एजुकेशन, नोएडा में 7 अगस्त को आजादी पर्व का मुख्य कार्यक्रम लगभग सौ युवाओं के साथ करके लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया।

न्यूज फोल्डर के संपादक गुलशन सैफी ने कहा कि समाधानपरक और सकारात्मक पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दे सकती है। उन्होंने वंदे मातरम और राष्ट्रभक्ति के विषयों को विवादों से दूर रखकर राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

आरजेएस के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि आंदोलन को अब विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए टीम रिपब्लिक डे पहल के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले लोगों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सभागार में एक राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।


वेबिनार में स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों बाजी राउत, खुदीराम बोस, करतार सिंह सराभा, अनंत लक्ष्मण कान्हेरे, प्रफुल्ल चंद्र चाकी, रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई के बलिदान को याद किया गया। इसके अलावा रामकृष्ण परमहंस, सुभद्रा कुमारी चौहान और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सत्र के दौरान विभिन्न प्रतिभागियों ने आगामी महीनों के लिए अपने संकल्प घोषित किए। नोएडा शाखा के प्रभारी उदय शंकर सिंह कुशवाहा ने पर्यावरण संरक्षण और युवा पीढ़ी पर आधारित कार्यक्रमों की घोषणा की। नागपुर से कविता परिहार ने छह माह पर्यावरण जागरूकता पर कार्य करने का संकल्प लिया। नीति अरोड़ा ने रेड क्रॉस रक्तदान जागरूकता और युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करने की बात कही। पूर्व शिक्षिका सरिता कपूर ने विद्यालयों में नैतिक शिक्षा के प्रसार पर बल दिया, स्वीटी पॉल ने संस्थागत विस्तार का सुझाव रखा और प्रभात फूड प्रोडक्ट्स के निदेशक लक्ष्मण प्रसाद ने भावी सामाजिक आयोजनों में सहयोग का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम का विधिवत समापन डॉ. मुन्नी कुमारी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी सहयोगियों, तकनीकी दल और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि हम सब यहां बस एक किरदार है , जिसका नाटक खत्म होते ही पर्दा गिर जाता है।


आरजेएस पीबीएच 

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International Webinar Concludes Independence Fortnight With Call to Transform Positive Media Campaign Into Grassroots Youth Movement
NEW DELHI. A 15-day international fortnight commemorating Independence Day organized by Uday Kumar Manna Founder of the RJS Positive Broadcasting House concluded with participants and media leaders pledging to transition their constructive communication drive into a structured six-month outreach campaign targeting educational institutions ahead of Republic Day. Team Independence Day Dr. Munni Kumari of Patna welcomed the guests and participants. She  committed to conducting seminars on education, justice, and historical contributors in the coming days. She was honoured with Certificate of appreciation for his contribution along with 25th Co-hosts and media persons.

The virtual closing session brought together media practitioners, educationists, and community representatives from India and abroad to discuss the theme of placing national priorities at the forefront while fostering universal fellowship. The organizers announced plans to conduct workshops, school visits, and media roundtables over the coming months to engage younger generations in constructive civic discourse.

Addressing the gathering as the chief guest, Dr. Sandeep Marwah, founder of Noida Film City and patron of Positive Media, emphasized the growing global footprint of Indian cinema, television, and digital communications. Pointing to the rapid expansion of domestic broadcast channels, publications, and digital connectivity, Dr. Marwah called on media professionals to focus on credibility, thorough research, and solution-driven narratives. He also announced that Marwah Studios will host a specialized training workshop for working journalists and media family contributors to upgrade their technical competencies and understand emerging digital tools.

Detailing his perspective on national self-reliance, Dr. Marwah presented an analytical framework for personal and professional growth, stressing ambition, technological fluency, self-motivation, ethical conduct, patriotic commitment, verified information, rigorous research, mutual trust, humanitarian values, multifaceted skills, and result-oriented action.
Nitin Mehta, honorary in-charge of the RJS Positive Branch in London and founder of the Indian Vegetarian Society, highlighted the role of the overseas Indian diaspora in preserving cultural heritage and countering inaccurate representations of India in international publications. He noted that community members abroad actively engage with foreign media editors to provide verified perspectives while sharing Indian philosophical traditions such as yoga and vegetarianism. Mehta emphasized that basic values and discipline must be nurtured within families before being reinforced in schools.

Dr. A. K. Merchant, general secretary of the Temple of Understanding India Foundation, who presided over the session, underlined the importance of integrating national commitment with global citizenship as articulated in the philosophy of universal brotherhood. Citing educational and corporate social responsibility data, Dr. Merchant noted that significant corporate investments are being directed toward strengthening government school infrastructure. He also referenced government initiatives in skill development across industrial training institutes and announced that his foundation has entered into a collaboration with Manav Rachna University to engage undergraduate students in constructive social initiatives.

Gulshan Saifi, editor of News Folder, addressed the role of journalism in strengthening social cohesion. He urged media professionals and citizens to approach national symbols and patriotic songs with universal respect, cautioning against political disputes that distract from national unity. Saifi emphasized that constructive reporting must bridge social divides and present balanced, verifiable facts to retain public credibility.

Outlining the organization's forthcoming roadmap, RJS founder and national convener Uday Kumar Manna said the initiative is shifting its focus toward direct engagement with students and teachers through school visits and institutional forums. He noted that the initiative will launch a preparatory framework titled Team Republic Day to recognize contributors working across education, environmental protection, and public health. Manna also announced that a national media conference will be organized at the Indian Red Cross Society premises in New Delhi on September 30, on the eve of National Voluntary Blood Donation Day.

Earlier during the session, national media coordinator Deep Mathur announced digital certificates of appreciation for participating branches and collaborating organizations, including RJS Yuva Patna, RJS Positive Branch Noida, RJS Positive Branch London, Inspiring Indian Women, Daily Diary News,and Delhi Metropolitan Education Noida.

The session also featured tributes to India's freedom fighters, including young revolutionaries such as Baji Rout, Khudiram Bose, Kartar Singh Sarabha, Anant Laxman Kanhere, and Prafulla Chaki, alongside historical figures such as Rani Lakshmibai and Jhalkari Bai. Speakers also commemorated the death anniversaries of spiritual leader Ramakrishna Paramhansa, poet Subhadra Kumari Chauhan, and former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee.

Several participants registered specific civic pledges for the upcoming six months.  Uday Shankar Singh Kushwaha of the Noida branch announced environment-focused activities and youth discussions scheduled for late August. Environmental activist Kavita Parihar from Nagpur pledged six months of dedicated ecological campaigns, while Niti Arora took on youth digital awareness and voluntary blood donation promotion in coordination with the Red Cross. Former educator Sarita Kapoor highlighted the need for value-based education in schools, Sweety Paul proposed expanding thematic community engagement, and Laxman Prasad, director of Prabhat Food Products, pledged support for community-centered historical documentation.

The meeting concluded with a formal vote of thanks delivered by Dr. Munni Kumari, affirming the organization's commitment to expanding constructive journalism and community-level social action across India and overseas chapters.


"आजादी के रंग, संकल्पों के संग" , आरजेएस के कार्यक्रम में कर्तव्य व संकल्प, सकारात्मक मूल्य व भाषाई अस्मिता पर हुई चर्चा
16 अगस्त को आजादी पर्व अंतरराष्ट्रीय पखवाड़ा के समापन पर सायं 7 बजे अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के मुख्य अतिथि डा.संदीप मारवाह  होंगे।

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक राष्ट्रीय परिचर्चा में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक भारत को एक सक्षम और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों द्वारा दैनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन, गांधीवादी नैतिक मूल्य, भाषाई जड़ों से जुड़ाव और गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को संरक्षित करना अनिवार्य है।
कार्यक्रम का संयोजन व संचालन आरजेएस पीबीएच -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने नागरिक कर्तव्य व संकल्प, गांधीवादी मूल्य व भाषाई अस्मिता पर प्रकाश डालते हुए क्रांतिकारी संत अरबिंदो घोष के जन्म दिवस पर कोटि कोटि नमन् किया।16 अगस्त को आजादी पर्व अंतरराष्ट्रीय पखवाड़ा के समापन पर सायं 7 बजे अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के मुख्य अतिथि डा.संदीप मारवाह  होंगे।

आरजेएस पॉजिटिव मीडिया मंच द्वारा 'आजादी के रंग और संकल्पों के संग' विषय पर आयोजित 632वें राष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विदेश मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के निदेशक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि देशभक्ति केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता और विकास की सार्थकता तभी है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे और उसके जीवन में सम्मानजनक बदलाव आए।

श्री सिंह ने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, किसान, वैज्ञानिक और प्रशासनिक कर्मी यदि अपना कार्य ईमानदारी से करें, तो यह राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान है। स्वतंत्रता के बाद देश के समक्ष मौजूद भुखमरी, विस्थापन और निरक्षरता जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, हरित क्रांति, दुग्ध क्रांति, अंतरिक्ष मिशन और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की है। उन्होंने यह भी साझा किया कि योग दिवस की तरह ही भारतीय खानपान और संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रोत्साहित करने के लिए 'अन्नपूर्णा दिवस' जैसी पहलों पर विचार किया जा रहा है।

मुख्य वक्ता गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति , नई दिल्ली के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने समकालीन वैश्विक तनाव और सामाजिक विषमताओं के दौर में महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के दर्शन को सर्वाधिक प्रासंगिक बताया। उन्होंने गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका में मध्यस्थता के अनुभवों, चंपारण सत्याग्रह और दांडी यात्रा के अनुशासित प्रबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि संघर्षों का स्थायी समाधान संवाद और आपसी सौहार्द से ही संभव है।

डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता और विजय गोयल के उपाध्यक्ष पद के अंतर्गत समिति के दोनों प्रमुख केंद्र—राजघाट स्थित गांधी दर्शन और 30 जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति (बिड़ला हाउस)—गांधीवादी विचारों और नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए निरंतर युवाओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के बीच कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इन संग्रहालयों में दांडी मार्च की ऐतिहासिक नाव और गांधी जी की अंतिम यात्रा में प्रयुक्त वाहन जैसी मूल स्मृतियां संरक्षित हैं, जिनका अवलोकन आम जनता निशुल्क कर सकती है। यह संस्थान प्रत्येक सोमवार को बंद रहता है।

विशिष्ट अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाठक ने युवाओं में अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से बढ़ती दूरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विकास की परिभाषा केवल आर्थिक संपन्नता तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा इसका मूल आधार होना चाहिए। उन्होंने शिक्षण के माध्यम से छात्रों को अपनी भाषा, लोक-परंपराओं और राष्ट्रीय दायित्वों से जोड़ने का संकल्प दोहराया।

अतिथि वक्ता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद स्थित बेवर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले शहीद मेले के संयोजक व लेखक राज त्रिपाठी ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन केवल प्रमुख शहरों तक सीमित नहीं था, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के जनसामान्य की सामूहिक चेतना ने इसे शक्ति प्रदान की। उन्होंने 15 अगस्त 1942 को बेवर थाने पर तिरंगा फहराने के दौरान शहीद हुए 14 वर्षीय छात्र कृष्ण कुमार, जमुना प्रसाद त्रिपाठी और सीताराम गुप्त के बलिदान को याद किया। उन्होंने बताया कि 1972 से लगातार 54 वर्षों से बेवर में शहीदों की स्मृति में मेला आयोजित किया जा रहा है। श्री त्रिपाठी ने संविधान के अनुच्छेद 51(क) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने और नागरिक कर्तव्यों के पालन पर बल दिया।
कार्यक्रम के संयोजक उदय मन्ना ने बताया कि 15 दिवसीय स्वाधीनता पखवाड़े के तहत सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से इतिहास और समाज-निर्माण के संकल्पों का आठवीं पुस्तक के लिए दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। डा मुन्नी कुमारी ने 16 अगस्त के आजादी पर्व अंतरराष्ट्रीय पखवाड़ा के समापन वेबिनार में जुड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने आगामी संभावित तिथि 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित रेड क्रॉस मुख्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता को लेकर मीडिया सम्मेलन आयोजित करने की योजना की घोषणा की। वेबिनार में दूरदर्शन कर्मी इसहाक खान ने सोनभद्र (दुद्धी) के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों और ग्रामीण कलाकारों को मंच देने, डॉ. मुन्नी कुमारी ने सांस्कृतिक निरंतरता बनाए रखने तथा साधक डॉ. ओमप्रकाश झुनझुनवाला ने लोक कल्याण के संकल्प व्यक्त किए। आरजेएस पाॅजिटिव ब्रांच नोएडा के मानद प्रभारी उदय शंकर सिंह कुशवाहा ने अपनी नातिन मानुषी के जन्मदिन 30‌अगस्त 2026 को कार्यक्रम का संकल्प लिए। स्वीटी पाॅल का संकल्प सकारात्मक आंदोलन के साथ कार्यक्रम को-होस्ट करना वहीं नीति अरोड़ा आरजेएस व रेडक्रास के स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता संकल्प से जुड़ गई हैं।

आकांक्षा मन्ना 
हेड‌ क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
9811705015.
www.rjspbh.com

मधु विहार में हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न। 
नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर-3 स्थित मधु विहार के सोलंकी मार्केट एवं बस स्टैंड के निकट 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया और उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी देकर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।
लगातार कई वर्षों से स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन कर रहे राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने क्षेत्रवासियों के साथ ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

समारोह को संबोधित करते हुए फेडरेशन के महासचिव एडवोकेट राकेश कुमार ने युवाओं से स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सोलंकी मार्केट के प्रधान हरिश्चंद्र राय ने सभी उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में देशभक्ति, एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

इस अवसर पर रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा, “देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज हमारा दायित्व है कि हम उनके त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ें।”

समारोह में राजापुरी के प्रधान सतीश जैन, प्रेम मलिक, राम अवतार शर्मा, प्रमोद गोयल, शिवमंगल यादव, करतार सिंह चौधरी प्रताप सिंह, डी.के. शर्मा, सुरेश हुड्डा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, व्यापारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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