2024

 




प्रेस विज्ञप्ति31-12-2024

आरजेसियंस ने विश्व में हास्य योग के संस्थापक डा.मदन कटारिया का 69वां जन्मदिन मनाया 

 आरजेएस के 'सकारात्मक दशक' की शुरुआत  प्रवासी भारतीयों के साथ होगी 

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) ने 304वें कार्यक्रम में डॉ. मदन कटारिया, हंसी योग इंटरनेशनल के संस्थापक, को उनके 69वें जन्मदिन पर सम्मानित करते हुए और आरजेएस पीबीएच की 'सकारात्मक दशक' पहल की शुरुआत को चिह्नित करते हुए दोहरी खुशी मनाई। वैश्विक सकारात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह महत्वाकांक्षी पहल 15 जनवरी, 2025 को प्रवासी भारतीयों के सहयोग से आधिकारिक तौर पर शुरू की जाएगी। कार्यक्रम में आरजेएस पीबीएच की ओर से सह- आयोजक और आरजेएस पीबीएच के पाॅजिटिव लाफ्टर एंबेसडर सत्येंद्र त्यागी और सुमन त्यागी ने डा कटारिया का स्वागत किया और जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने वेबिनार, सेमिनार और प्रकाशनों के माध्यम से हंसी योग को बढ़ावा देने में आरजेएस पीबीएच के प्रयासों पर प्रकाश डाला। सत्येंद्र त्यागी ने पुष्टि की, "हम दृढ़ता से मानते हैं कि हंसी एक सार्वभौमिक भाषा है जो लोगों को एकजुट करने और शांति को बढ़ावा देने में सक्षम है।" उन्होंने मुख्य संदेश, "सकारात्मक रहें और हंसी योग करें," को दोहराते हुए स्कूलों और अस्पतालों में हंसी योग को बढ़ावा देने के अपने अनुभवों के उपाख्यानों को साझा किया। उन्होंने कहा, "जिनके कर्म जिंदा हैं, उनका मज़ा जिंदा है, हंसी से बीमारी दूर भगाओ, हंसी योग करो।"

मुख्य अतिथि डॉ. कटारिया ने अपने संबोधन में जन्मदिन समारोह और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया से मिली पहचान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने हंसी के स्वास्थ्य लाभों पर वैज्ञानिक अनुसंधान से प्रेरित हंसी योग की उत्पत्ति को याद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हंसी योग व्यायाम का एक अनूठा रूप है जो हंसी को योगिक श्वास तकनीकों के साथ जोड़ता है, जो ढेर सारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। डॉ. कटारिया ने समझाया, "हंसी योग केवल हंसी से कहीं आगे तक जाता है; यह एक सकारात्मक मानसिकता विकसित करने के बारे में है।" उन्होंने उम्र या शारीरिक स्थिति के बावजूद, इसकी पहुंच पर जोर दिया और तनाव में कमी, मनोदशा में सुधार और प्रतिरक्षा बढ़ाने सहित हंसी के लाभों के वैज्ञानिक समर्थन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "जब हम हंसते हैं, तो हमारा शरीर एंडोर्फिन जारी करता है, जिसमें मूड-बढ़ाने और दर्द से राहत देने वाले प्रभाव होते हैं।" उन्होंने "व्यायाम के रूप में हंसी" के विचार को भी पेश किया, जो बिना किसी स्पष्ट कारण के भी अभ्यास करने योग्य है। उन्होंने आगे कहा, "हंसी योग हंसी के व्यायाम और योगिक श्वास (प्राणायाम) का एक संयोजन है। यह हमारे शरीर और मस्तिष्क में अधिक ऑक्सीजन लाता है, जिससे हम अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करते हैं।"

यह कार्यक्रम 31 दिसंबर, 2024 को आरजेएस पीबीएच के राष्ट्रीय संयोजक और संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में एक कवितामय परिचय के साथ शुरू हुआ। उन्होंने प्रतिबिंब, नवीनीकरण और सकारात्मक संकल्पों के क्षण के रूप में वर्ष के अंत के साथ मेल खाने वाले दिन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि आरजेएस पीबीएच, समाचार पत्र, यूट्यूब चैनल और पुस्तकों सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से सकारात्मक सोच और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक संगठन है। मन्ना ने 'सकारात्मक दशक' पहल की घोषणा की, जो दुनिया भर में सकारात्मकता फैलाने के उद्देश्य से एक दीर्घकालिक परियोजना है। उन्होंने इसे 15 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में एक प्रवासी भारतीय मीडिया सम्मेलन के साथ शुरू करते हुए सकारात्मक सोच, कार्यों और दृष्टिकोणों को प्रोत्साहित करने के लिए एक आंदोलन के रूप में वर्णित किया। यह सम्मेलन 'प्रवासी भारतीयों' या अनिवासी भारतीयों (एनआरआई), भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों को शामिल करेगा, जो पहल की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मदन कटारिया का 69वां जन्मदिन समारोह था। श्री मन्ना ने हंसी योग की स्थापना में डॉ. कटारिया के अग्रणी कार्य की सराहना की, जो मार्च 1995 में मुंबई के एक पार्क में केवल पांच प्रतिभागियों के साथ शुरू हुआ था। आज, हंसी योग एक वैश्विक घटना के रूप में विकसित हुआ है, जो 120 से अधिक देशों में प्रचलित है, जो इसकी प्रभावशीलता और सार्वभौमिक अपील का प्रमाण है।
डॉ. कटारिया ने हंसी योग के पीछे के विज्ञान, विशेष रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि कैसे हंसी के व्यायाम के दौरान गहरी सांस लेने से फेफड़ों से बासी हवा बाहर निकल जाती है, जिससे ताजा ऑक्सीजन का सेवन होता है। उन्होंने प्रतिरक्षा प्रणाली के एक महत्वपूर्ण घटक, लसीका तंत्र की व्याख्या को सरल बनाया, जिसमें कहा गया है कि यह हृदय के विपरीत, द्रव परिसंचरण के लिए गहरी सांस लेने और आंदोलन पर निर्भर करता है, जिसमें एक पंप होता है। डॉ. कटारिया ने स्पष्ट किया, "गहरी हंसी छाती में एक वैक्यूम प्रभाव पैदा करती है, जो लसीका द्रव की रक्तप्रवाह में आवाजाही में सहायता करती है, जिससे प्रतिरक्षा को बढ़ावा मिलता है।" उन्होंने रोजाना हंसी योग के अभ्यास के लगभग 30 वर्षों में शायद ही कभी बीमार पड़ने के अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया, जिसका श्रेय प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले प्रभावों को दिया।

एक हंसी राजदूत, कुलदीप राय ने हंसी योग को बढ़ावा देने में अपने अनुभवों को साझा किया, सकारात्मकता और खुशी फैलाने में इसकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने टिप्पणी की, "हंसी संक्रामक है और इसमें व्यक्तियों और समुदायों दोनों को बदलने की शक्ति है।" उन्होंने 15 जनवरी, 2025 को आगामी प्रवासी भारतीय सम्मेलन पर प्रकाश डाला, जहां आरजेएस पीबीएच 'सकारात्मक दशक' पहल को बढ़ावा देने के लिए एनआरआई के साथ सेना में शामिल होगा।

एक प्रतिभागी स्वीटी पॉल ने सत्य, भक्ति और सकारात्मक सोच के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमें हमेशा सच्चाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए।" उन्होंने समकालीन दुनिया में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की चुनौतियों को संबोधित किया और आत्म-प्रेरणा और आंतरिक लचीलापन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सकारात्मकता और कल्याण को बढ़ावा देने में हंसी की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "याद रखें, हर इंसान मूल्यवान है, और दुख हमें आगे बढ़ने का अधिकार देता है।"

एक अन्य प्रतिभागी, इशाक खान ने एक सरल हंसी अभ्यास प्रदर्शन का आयोजन किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि कैसे हंसी किसी के मूड को बदल सकती है और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने कहा, "यहां तक कि कुछ मिनट की हंसी भी हमारे भावनाओं को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।" उन्होंने "बिना कारण के हंसी" की अवधारणा पर विस्तार से बताया, जो मानसिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ाने के लिए एक अभ्यास है। उन्होंने प्रतिभागियों को एक हंसी अभ्यास के माध्यम से निर्देशित किया, उन्हें मजबूर हंसी से शुरू करने और इसे वास्तविक उल्लास में विकसित होने देने के लिए प्रोत्साहित किया।

आरजेएस पीबीएच का 304वां कार्यक्रम एक शानदार सफलता थी, जिसमें डॉ. मदन कटारिया के जीवन और कार्य का जश्न मनाया गया और 'सकारात्मक दशक' पहल की शुरुआत की गई। हंसी योग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के माध्यम से, इस पहल का उद्देश्य एक अधिक सकारात्मक और सामंजस्यपूर्ण दुनिया बनाना है। 15 जनवरी, 2025 को प्रवासी भारतीयों के साथ सहयोग इस वैश्विक प्रयास में पहला बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम ने आज की दुनिया में हंसी, सकारात्मकता और कल्याण के महत्व को रेखांकित किया, उज्जवल भविष्य की दिशा में व्यक्तियों और संगठनों के सामूहिक प्रयासों को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम ने एक अनुस्मारक के रूप में भी काम किया कि एक साधारण हंसी जैसी छोटी-छोटी हरकतें भी हमारे अपने जीवन और हमारे आसपास के लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं।
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हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 29-12-2024

आरजेएस पीबीएच दसवें वर्ष में प्रवासी भारतीय सम्मेलन से करेगा सकारात्मक दशक का आगाज़.

पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह को आरजेसियंस ने दी श्रद्धांजलि.

दैनिक साईं मीडिया के सहयोग से आरजेएस पीबीएच ने 303वां संस्करण आयोजित किया।

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में दैनिक साईं मीडिया समाचार-पत्र के संपादक पीतम सिंह के सहयोग से सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन का 303 वां बेबिनार आरजेएस पीबीएच संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में आयोजित किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री महान अर्थशास्त्री डा. मनमोहन सिंह के निधन पर आरजेसियंस ने श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का आगाज आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर ने किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक आंदोलन अब नये डायमेंशन के साथ ऊंची उड़ान पर है और दुनिया में अब और अधिक तेज गति से फैलने जा रहा है। 
15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में आयोजित आरजेएस -एनआरआई मीडिया कांफ्रेंस से सकारात्मक दशक का आगाज़ किया जाएगा।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रवासी भारतीय रमैया मुथयाला(अमेरिका) ने 
इस बात पर जोर दिया कि प्रवासी भारतीयों के योगदान को केवल इस बात से नहीं मापा जाना चाहिए कि वह देश में कितना पैसा लाते हैं ।उन्होंने ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जो एनआरआई को विभिन्न तरीकों से योगदान करने के लिए आकर्षित करना।जैसे कि सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन के लिए स्वयं सेवा करना और उनके साथ समय बिताना। उन्होंने कहा कि वो स्वयं आरजेएस - एनआरआई मीडिया कांफ्रेंस में ऑनलाइन भागीदारी करेंगे। वहीं लाफ्टर एंबेसडर कुलदीप राय ने 15 जनवरी को नई दिल्ली के आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम में आने के लिए अपने एनआरआई सुपुत्र को निमंत्रण भेजेंगे। आरजेएस पीबीएच के संस्थापक उदय मन्ना ने बताया कि 9 जनवरी 2025 को आरजेएस पीबीएच न्यूज़ लेटर का प्रवासी भारतीय अंक अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा प्रवासी भारतीयों की उपस्थिति में सायं 6 बजे रिलीज कराएंगे।
इस समय सकारात्मक वर्ष का प्रवासी माह चल रहा है और विश्व में लाफ्टर योगा को मशहूर करने वाले लाफ्टर योगा इंटरनेशनल के संस्थापक डा.मदन कटारिया और माधुरी कटारिया 31 दिसंबर को सुबह 11 बजे से आरजेएस के ऑनलाइन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर सकारात्मक रहें और लाफ्टर योग करें का संदेश देंगे। डा.कटारिया की उपस्थिति में उनका 69वां जन्मदिन आरजेएस पीबीएच परिवार ऑनलाइन मनाएगा। आरजेएस पीबीएच स्वागत समिति की स्वीटी पॉल ने पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की अपील की। मौ.इशहाक खान ने कहा कि आरजेएस पीबीएच के ग्रंथ 03 पर बनाई अपनी विडियो से उन्होंने अपनी सकारात्मक भावनाओं को उजागर किया।
कार्यक्रम का समापन करते हुए सह-आयोजक साईं मीडिया के संपादक पीतम सिंह ने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि सकारात्मक दशक में नेशनवाइड टू वर्ल्डवाइड को अमली जामा पहनाया जाएगा। इस कार्य में विद्वतजनों का मार्गदर्शन इसी तरह मिलता रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रवासी भारतीय इस आंदोलन से जुड़े हैं, अभी और भी जुड़ने वाले हैं।

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आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 27-12-2024

 कैसे बचाएं प्रवासी पक्षी पर आरजेएस पीबीएच वेबिनार आयोजित.

नीला हौज और अरावली जैवविविधता पार्क के प्राकृतिक वास प्रवासी पक्षियों को जीवन देते हैं

बर्ड मैन ऑफ इंडिया डा.सलीम अली को आरजेसियंस ने दी श्रद्धांजलि 

नई दिल्ली।राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में  "अमृत काल का सकारात्मक उदय-302वां संस्करण" 
26 दिसंबर 2024 को आयोजित किया गया।
 इसमें भारत में प्रवासी पक्षियों के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। कार्यक्रम के सह-आयोजक पारिस्थितिकी विशेषज्ञ और वरिष्ठ वैज्ञानिक एम. शाह हुसैन , इंचार्ज अरावली व नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क(सीईएमडीई-डीयू) ने
अपने अध्यक्षीय संबोधन में 
कहा कि हमारे प्राकृतिक- वास प्रवासी पक्षियों को जीवन देते हैं। इसके लिए जंगल,झाड़ी और पत्तियां जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि अरावली व नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क को प्राकृतिक पर्यावास के रूप में विकसित किया गया है।
यहां प्राकृतिक तरीके से विकसित तालाब में प्रवासी पक्षी आते-जाते हैं।
उन्होंने बर्ड मैन ऑफ इंडिया डा. सलीम अली की स्मृति को नमन् किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त वैज्ञानिक -स्कूल ऑफ लाईफ साइंसेज, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के  डॉ. सूर्य प्रकाश
  ने बताया कि कैसे दिन की लंबाई और तापमान में परिवर्तन जैसे पर्यावरणीय संकेत हार्मोनल परिवर्तन को गति प्रदान करते हैं जो पक्षियों को उनकी लंबी यात्रा के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने लंबी दूरी की यात्रा के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण वजन बढ़ाने सहित शारीरिक परिवर्तनों के लिए बाहरी परिस्थितियों के जवाब में तंत्रिका संबंधी संकेतों का उदाहरण देते हुए, कम सफेद गले (सिल्विया कम्युनिस) का उदाहरण दिया। 
दोनों वैज्ञानिकों ने आरजेसियंस के साथ संवाद कर प्रवासी पक्षियों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने 
जलीय, उभयचर और ऊंचाई वाले प्रवास सहित विभिन्न प्रकार के प्रवासों पर विस्तार से चर्चा की, प्रत्येक को विभिन्न प्रजातियों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुकूल बनाया गया है। प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण होने वाले तनाव को प्रवासन के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रिगर के रूप में पहचाना गया। चर्चा में दिल्ली क्षेत्र के ऐतिहासिक और पारिस्थितिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें यमुना नदी और अरावली रेंज को दो प्रमुख पारिस्थितिक जीवन रेखा के रूप में दर्शाया गया।
इस चर्चा में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) के योगदान और ईबर्ड मंच के विकास पर प्रकाश डालते हुए अनुसंधान पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। यह नागरिक विज्ञान पहल व्यक्तियों को पक्षी दर्शन पर डेटा का योगदान करने की अनुमति देती है, जिससे पक्षी प्रवासन के अध्ययन के तरीके में क्रांतिकारी परिवर्तन होता है। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि पक्षियों के प्रवास पैटर्न आनुवंशिक और पर्यावरणीय दोनों कारकों से प्रभावित होते हैं, जिसमें मार्गों और गंतव्यों के बारे में जानकारी उनके डीएनए में कोडित होती है। पक्षी प्रवास के दौरान नेविगेट करने के लिए सूर्य, चंद्रमा, तारों और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र जैसे प्राकृतिक संकेतों पर भरोसा करते हैं। बातचीत में भारत के विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों, जैसे कि बिहार, बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित किया गया, जो प्रचुर मात्रा में जल संसाधनों के कारण प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
 कार्यक्रम में आरजेएस पीबीएच के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 15 जनवरी, 2025 को दिल्ली में होने वाली डायस्पोरा बैठक सहित वैश्विक आउटरीच के लिए संगठन की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
इसमें आरजेएस पीबीएच परिवार के आरएस कुशवाहा, सुदीप साहू, ओमप्रकाश, बिन्दा मन्ना,ब्रजकिशोर, आशीष रंजन, सोनू मिश्रा, मयंक,इशू, आकांक्षा, रेणु कोहली, कृष्ण मुरारी शर्मा आदि ने भी विशेषज्ञों से संवाद किया।

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प्रेस विज्ञप्ति 24-12-2024

बैमौसम खेती और मूल्यसंवर्धन वाले उत्पाद को से किसानों को होगा लाभ-आरजेएस वेबिनार

सर्वहितकारी वेलफेयर फाउण्डेशन के सहयोग से आरजेसियंस ने मनाया राष्ट्रीय किसान2025 दिवस 

नई दिल्ली। "किसान टिकाऊ कृषि पद्धतियों और फसल रोटेशन को अपनाकर वैश्विक बाजार का दोहन कर सकते हैं"।
ये कहना था भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक और कृषि मंत्रालय भारत सरकार के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉक्टर चंद्रभान सिंह का। उन्होंने कहा कि बेमौसम खेती की नई तकनीक से किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी। किसानों को नई तकनीक की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा नई प्रोद्योगिकियों,फसल चक्रण,जैविक खेती और एकीकृत कृषि विधियों के माध्यम से उत्पादकता में सुधार लाया जा सकता है।
राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान निफ़्टम, कोंडली के प्रोफेसर डा. प्रसन्ना कुमार ने कहा कि निफ्टेम 
इच्छुक किसानों और कृषि के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रमाणन, मानक और किसानों के खाद्य प्रसंस्करण की तकनीक से उत्पादन की भरपूर कीमत मिलेगी।
23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती  राष्ट्रीय किसान दिवस पर सर्व हितकारी वेलफेयर फाउण्डेशन के सहयोग से राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में 299 वां संस्करण आयोजित किया गया।
"कृषि क्षेत्र के नए दौर में पूरा विश्व बना एक मंडी स्थिर मूल्य पर हर माल बिकेगा डब्ल्यू टी ओ की झडी"-
 श्री मन्ना ने डा. चंद्रभान सिंह की इस फसल विविधता पर कविता से कार्यक्रम की शुरुआत की।
ऑनलाइन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आहर पईन बचाओ अभियान के कन्वीनर एम पी सिन्हा ने सवाल उठाया कि आज हमारे किसान अपनी फसल के बीजों का संरक्षण क्यों नहीं कर पा रहे हैं? ये स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने खेतों में अंधाधुंध पेस्टिसाइड के इस्तेमाल से धरती माता को बचाने की अपील की।
रतनाढ़ पंचायत,भोजपुर के अतिथि वक्ता किसान पुत्र 
भानू प्रताप सिंह ने कहा कि 
चावल- गेहूं के अलावा क्षेत्र के किसानों के लिए नई तकनीक की जानकारी ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में बिन्दा मन्ना, राजेन्द्र सिंह कुशवाहा , अशोक कुमार मलिक, सुदीप साहू, लक्ष्मण प्रसाद,ओमप्रकाश,मयंक सोनेश कुमार पाठक, धर्मेंद्र कुमार प्रेमी, आकांक्षा ,सोनू मिश्रा,तरूण ,मानेंद्र, गजेन्द्र, और धनजीत वर्मा आदि शामिल हुए।

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प्रेस विज्ञप्ति 22-12-2024


दीदीवार जीवन ज्योति के सहयोग से आरजेएस पीबीएच ने मानव एकजुटता दिवस मनाया.

गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन् की जयंती पर आरजेसियंस ने दी श्रद्धांजलि.

नई दिल्ली। "रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन और इंटरनेट आदि किसी व्यक्ति की खोज थी, लेकिन उसका फायदा विश्व समुदाय को मिल रहा है। तन-मन-धन से यथासंभव विश्व को कुछ देने की प्रवृत्ति से ही इतिहास निर्माण होता है। सुरजीत सिंह दीदेवार ने अपने व्याख्यान में ये बात कही। आगे उन्होंने कहा कि 
देश में रहे या विदेश में अपनी जड़ों से जुड़े रहने की शिक्षा में ही संस्कार है। दुनिया में प्रकृति का ज्ञान नहीं होने की वजह से लोग अपने और दूसरों के इष्ट देव में भेदभाव करते हैं वहीं पर विश्व परिवार की मानव एकजुटता बाधित होती है।" राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस(आरजेएस पीबीएच) के 298वें कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस में इन सकारात्मक 
बातों को मोटिवेशनल स्पीकर सुरजीत सिंह दीदेवार ने कहा। 
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस घोषित किया है। 22 दिसंबर को कार्यक्रम में गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर आरजेसियंस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
 आरजेएस पीबीएच के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन और संचालन में दीदेवार जीवन ज्योति के सहयोग से ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।
श्री दीदेवार ने आरजेसियंस के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि प्रकृति की तरह बिना भेदभाव करते हुए हमें विश्व परिवार को एक समान और सम्मान की दृष्टि से देखने का भाव रखना चाहिए। डिप्रेशन पर सवाल के जवाब में श्रीदीदेवार ने कहा कि अवसाद की स्थिति तब होती है जब किसी एक सोच पर स्मृति रुक जाती है। ऐसी स्थिति में अभ्यास के सकारात्मक सोच द्वारा व्यक्ति को अवसाद से बाहर निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में बच्चों को ज्ञान देना और थोपना दोनों अलग-अलग बातें हैं । बच्चों को सात-सात साल की अवधि में चरणबद्ध तरीके से अभिभावक दिशा दे सकते हैं । मां-बाप ,परिवार और बच्चे दूर रह सकते हैं ,लेकिन दूरियां नहीं रहनी चाहिए। प्रवासी भारतीयों को चाहिए कि वह जहां भी रहे , अपनी जड़ों से जुड़े रहें, ताकि उनकी अगली पीढ़ी भारतीय संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन 
में मनसा-वाचा-कर्मणा एक समान हो सके।
इस अवसर 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर आरजेसियंस के "नये संकल्प -जो कहेंगे सो करेंगे" पर चर्चा हुई। साथ ही 15 जनवरी 2025 के 
कार्यक्रम में प्रवासियों के सम्मान में मीडिया कांफ्रेंस की सूचना दी गई। कार्यक्रम के अंत में श्री मन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंतीपुर राष्ट्रीय किसान दिवस पर 23 दिसंबर को सायं 6 बजे से आरजेएस पीबीएच के वेबिनार की घोषणा की ।
कार्यक्रम में बिन्दा मन्ना,स्वीटी पॉल,आरएस कुशवाहा,मयंक, डा.पुष्कर बाला, आकांक्षा, इशहाक खान, सत्येंद्र त्यागी,सुमन त्यागी,सुदीप साहू आदि शामिल हुए ।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 20/12/2024

विश्व ध्यान दिवस पर आरजेएस ने प्रवासी माह में  काकोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि दीI
नकारात्मक विचारों को दूर करने में ध्यान और योग मददगार - बीके राजश्री 

स्कूल-काॅलेज में कैलेंडर से  भी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति नई पीढी प्रेरित हो सकती है - अशफाक उल्ला.

नई दिल्ली। श्रीमद् भगवद्गीता के श्लोक "ध्यानेनात्मनि पश्यन्ति केचिदात्मानमात्मना। अन्ये सांख्येन योगेन कर्मयोगेन चापरे".से 
 राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक उदय कुमार मन्ना ने 19 दिसंबर 2024 को विश्व ध्यान दिवस(21 दिसं.)और काकोरी शहादत दिवस(19दिसं.) पर परिचर्चा का आरंभ किया ।
ऑनलाइन बैठक में सह-आयोजक डा.पुष्कर बाला प्राचार्या बीडीएसएल महिला काॅलेज, जमशेदपुर के माता-पिता स्व० देव वंश सहाय और  माता स्व०चिंगारी देवी को श्रद्धांजलि दी गई।
आरजेएस के प्रवासी माह में मुख्य अतिथि बीके राजश्री ने आध्यात्मिकता, आत्म-साक्षात्कार ,मानसिक तथा आध्यात्मिक कल्याण के लिए ध्यान तथा योग के महत्व पर चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र ने प्रथम विश्व ध्यान दिवस 21 दिसंबर को घोषित कर दुनिया में सकारात्मकता का उदाहरण पेश किया है।
 मुख्य वक्ता शहीद वंशज अशफ़ाक उल्ला खान ने कहा कि राष्ट्रीय एकता का उदाहरण थे हमारे सेनानी।
रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह को  19 दिसंबर देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी पर शहीद हुए।
स्कूल-काॅलेज में कैलेंडर से भी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति नई पीढी प्रेरित हो सकती है।
ऑनलाइन परिचर्चा में हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमित आजाद ने कहा कि 
 अंग्रेजी हुकूमत काकोरी केस‌ को काकोरी कांड  कृत्य के नाम से पुकारती थी। पर यह सुनहरा अध्याय भारत मां के उन राष्ट्र पुत्रों ने उसे समय लिखा जिस समय भारत मां अंग्रेजी हुकूमत की बेड़ियों में जकड़ी थी जिनकी आज हम शहादत दिवस मना रहे हैं । 
 अंत में  नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करने, सकारात्मकता को बढ़ावा देने और नकारात्मकता पर काबू पाने में सकारात्मक आंदोलन के महत्व पर जोर दिया गया। इस बैठक में सुरजीत सिंह दीदेवार, मयंक,राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, सत्येंद्र त्यागी,इशहाक खान, ओमप्रकाश झुनझुनवाला, ब्रजकिशोर और आकांक्षा आदि शामिल हुए।प्रवासी माह में 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे  297 वां आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम दीदेवार जीवन ज्योति के सहयोग से आयोजित करने और न्यूज़ लेटर दिसंबर का लोकार्पण 29 दिसंबर को करने की जानकारी दी गई। इस बीच राष्ट्रीय किसान दिवस 23 दिसंबर,सुशासन दिवस 25 दिसंबर और साल की विदाई व संकल्प दिवस 31 दिसंबर को मनाया जाएगा।
आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

 






प्रेस विज्ञप्ति 19/12/2024


आरजेएस पीबीएच के सकारात्मक आंदोलन से प्रवासी भारतीयों का जुड़ना सकारात्मक संसार बनने का शुभ संकेत-प्रो.बिजाॅन 

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस संपन्न माता रामरती देवी मंदिर के सहयोग से आरजेएस पीबीएच का 296वां कार्यक्रम संपन्न.

आरजेएस पीबीएच की चौथी पुस्तक ग्रंथ 04 का लोकार्पण प्रवासी सम्मान समारोह नई दिल्ली में 15 जनवरी को होगा। 

नई दिल्ली। श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ।।" से 
18 दिसंबर 2024 को संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस(आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया का 296 वां कार्यक्रम संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालक में लंदन और नेपाल सहित अन्य राज्यों से जुड़े लोगों के सार्थक संवाद के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन माता रामरती देवी मंदिर कृषक प्रयोगशाला एवं कृषक पर्यटन स्थल, कान्धरपुर, गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश के संस्थापक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के सहयोग से आयोजित किया गया।
 उन्होंने कहा कि प्रवासी माह में आरजेएस पीबीएच ने विश्व पटल पर दस्तक दे दी है। 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में सकारात्मक प्रवासी भारत-उदय सम्मान और ग्रंथ 04 के लोकार्पण 
की जोरदार तैयारियां शुरू हो गई हैं। 
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाने के लिए यू.के. में नॉटिंघम आर्ट काउंसिल की निदेशक और काव्य रंग की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. जय वर्मा, नेपाल में अंतर्राष्ट्रीय नेपाली समाज भाषा समिति के डॉ. प्रमोद पांडे हेरम्ब और लंदन से एन.आर.आई. दिव्या मौर्य सहित अंतर्राष्ट्रीय उपभोक्ता नीति विशेषज्ञ प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा और आईटीपीओ की पूर्व प्रबंधक स्वीटी पाॅल और अन्य राज्यों से प्रतिनिधि शामिल हुए।चर्चा प्रवासी समुदाय के योगदान को पहचानने,उनका सम्मान करने और भेदभाव रहित सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा। मुख्य अतिथि डा. जय वर्मा ब्रिटिश भारतीय प्रवासी समुदाय के इतिहास और योगदान को बताया। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तारीफ की, लेकिन भारतीय समुदाय को अनुशासन बद्ध दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। पुस्तकालयों और बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों का महत्व बढ़ा और विदेशों में इन मूल्यों को बढ़ावा देने में भारतीय प्रवासियों की भूमिका रही। अपने श्रम से वो सत्ता के शिखर तक पहुंचे। उन्होंने 
सकारात्मक संसार के लिए 
सभी भाषाओं और ब्रेल लिपि में सकारात्मक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
आरजेएस पीबीएच एडवाइजर प्रोफेसर मिश्रा ने प्रवासियों के योगदान और सम्मान के लिए उन्हें 15 जनवरी को नई दिल्ली में आमंत्रित किया। अतिथि वक्ता लंदन में प्रवासी भारतीय दिव्या मौर्या ने कहा कि यहां पर सरकार प्रवासियों के हितों की देखरेख करती है। हुनरमंद लोगों का सम्मान है। अतिथि वक्ता वीरगंज नेपाल के साहित्यकार प्रमोद पाण्डेय ने भारतीय संगीत के सुर-ताल में अंग्रेजी कविता सुनाकर सबका मन मोह लिया। उनकी हिन्दी कविता प्रवासियों के दर्द को बयां कर दी - "बांधव रहते देश में स्वयं रहे परदेश, अपनों के अंत्येष्टि का मिले मात्रा संदेश"।
आरजेएस पीबीएच अंतर्राष्ट्रीय स्वागत समिति की स्वीटी पॉल ने जीवन मूल्यों और मानवीय मूल्यों और को समाज में स्थापित करने पर जोर दिया ताकि नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाया जाए। 19 दिसंबर सायं 6 विश्व ध्यान दिवस और काकोरी केस‌ के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सह-आयोजक बीडीएसएल महिला काॅलेज जमशेदपुर की प्राचार्या ने आरजेएस पीबीएच के वेबिनार में आमंत्रित किया।
कार्यक्रम में सुरजीत सिंह दीदेवार, सुदीप साहू, बिन्दा मन्ना,मयंक, दुर्गा दास आजाद, जनहित विकास समिति,डा.नरेंद्र टटेसर और आकांक्षा आदि शामिल हुए।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

 




प्रेस विज्ञप्ति 16/12/2024.

आरजेएस पीबीएच प्रवासी माह के प्रथम दिन  "सकारात्मक प्रवासी भारत-उदय सम्मान मीडिया कांफ्रेंस 15जन.2025" का आगाज.

आरजेएस के कार्यक्रम में स्वामी चेतनानंद गिरी ,नारायण कुमार और मेजर डा.गुलशन शर्मा का प्रेरक उद्धबोधन.

नई दिल्ली। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में प्रवासी माह का प्रथम  "सच्चा आरजेसियन:उभरता आरजेसियन- स्मार्ट आरजेसियन' कार्यक्रम में आगामी 15 जनवरी 2025 को आईएनएस कांफ्रेंस हाॅल,नई दिल्ली में होने वाले "सकारात्मक प्रवासी भारत-उदय सम्मान मीडिया कांफ्रेंस 2025 " की तैयारियों पर 15 दिसंबर 2024 को सकारात्मक परिचर्चा हुई। कार्यक्रम के सह-आयोजक ‌आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ आरजेएस पीबीएच ऑब्जर्वर प्रफुल्ल डी शेठ के गीता पाठ से हुआ-धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥' यह श्लोक श्रीमद् भगवद्गीता के पहले अध्याय का पहला श्लोक है। उन्होंने कहा कि आरसीएस के सकारात्मक भारत उदय वैश्विक आंदोलन को धरातल पर उतरने का एक अवसर है 15 जनवरी 2025। इस अवसर पर आनंदमई संघ कनखल, हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी चेतनानंद गिरी ने 15 जनवरी 2025 के कार्यक्रम की सफलता के लिए  आशीर्वचनों से नवाजा और कहा कि ये संकल्प से सिद्धि का दिवस बने। 
सकारात्मक आंदोलन के साथी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद, प्रवासी भवन के नारायण कुमार ने कहा कि भारतवंशी 
श्रमिक से सत्ता के शिखर तक पहुंच गए। रचनात्मक पत्रकारिता से हमें युवाओं में इस बात का आत्मविश्वास भरना है और प्रवासियों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देना होगा। सकारात्मक आंदोलन के साथी और चैंबर फाॅर सर्विस इंडस्ट्रीज के महानिदेशक मेजर डा. गुलशन शर्मा ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई की याद दिलाता है।
प्रवासियों को सम्मान व सहयोग देना ही वसुधैव कुटुम्बकम् है।
इस दिवस पर हमें पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति व ज्ञान का प्रकाश फैलाना है।
कार्यक्रम के सह आयोजक आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर ने कहा कि प्रवासी भारतीयों खासकर युवा पीढ़ी को भारत की आत्मा व सांस्कृतिक मूल्यों को जानने और समझने के लिए प्रेरित करना होगा और आरजेएस पीबीएच इसमें सेतु का काम करेगा। सकारात्मक आंदोलन के प्रचारक सुरजीत सिंह दीदेवार ने कहा कि सत्य को स्वीकार करना ही सकारात्मकता है, और विश्वास ही विश्व की आस है । इस चिंतन धारा को विश्व धारा में शामिल करने के लिए हमने 15 जनवरी 2025 का दिन चुना है। 
इस अवसर पर भारी संख्या में आरजेएस पीबीएच कार्यक्रमों के सह-आयोजकगण भी शामिल हुए। आरजेएस पीबीएच के अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा ने बुधवार 18 दिसंबर 2024 अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर सायं 6 बजे, गुरुवार 19 दिसंबर 2024 की सह-आयोजक डा.पुष्कर बाला ने काकोरी केस के शहादत दिवस और संयुक्त राष्ट्र के‌ प्रथम  विश्व ध्यान दिवस (21 दिसंबर) सायं 6 बजे , अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस (20 दिसंबर) के उपलक्ष्य में रविवार 22 दिसंबर के सह-आयोजक सुरजीत सिंह  दीदेवार ने सुबह 11 बजे, आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर ने सुशासन दिवस 25 दिसंबर सायं 6 बजे और सत्येन्द्र-सुमन त्यागी ने सकारात्मक आंदोलन के साथी विश्व हास्य योग गुरु डा.मदन कटारिया के जन्मदिन मंगलवार 31 दिसंबर 2024 सायं 6 बजे के ज़ूम वेबिनार में सभी को आमंत्रित किया। श्री मन्ना ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आरजेएस पीबीएच मुख्यालय मो.नं‌  8368626368या 9811705015 वाट्सअप से लिंक सर्व सुलभ किया जाएगा।
उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों सहित आरजेएस पीबीएच की क्रिएटिव टीम,सोशल मीडिया टीम और टेक्निकल टीम का भी आभार जताया।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 13/12/2024

स्वास्थ्य सरकार की जिम्मेदारी,लेकिन हमारा भी कर्तव्य दूर रहे बीमारी--- आरजेएस वेबीनार.

पूर्व आईएएस अधिकारी डा.पांडा ने आरजेएस के प्रवासी माह के बैनर का ऑनलाइन लोकार्पण किया।

यूनिवर्सल स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर विश्व भारती योग संस्थान के सहयोग से 294वां आरजेएस वेबीनार संपन्न.

आरजेएस पीबीएच वेबीनार में आचार्य प्रेम भाटिया के माता-पिता को श्रद्धांजलि.

नई दिल्ली ।  संयुक्त राष्ट्र के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस 12 सितंबर के अवसर पर सतत् विकास लक्ष्य के लिए "स्वास्थ्य में सरकार की जिम्मेदारियां" विषय पर आरजेएस पीबीएच का 294वां ऑनलाइन संस्करण विश्व भारती योग संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया। राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 
पूर्व आईएएस अधिकारी डा.अरूण कुमार पांडा ने आरजेएस के गणतंत्र दिवस पर प्रवासी माह(15दिसंबर2024 -15 जनवरी 2025)के बैनर का ऑनलाइन लोकार्पण किया।
15 जनवरी 2025 को दिल्ली में सकारात्मक प्रवासी भारत-उदय सम्मान 
प्रदान किया जाएगा।
    विश्व भारती योग संस्थान के संस्थापक निदेशक आचार्य प्रेम भाटिया ने अपने माता-पिता स्व० श्रीमती शांति भाटिया और स्व० श्री आनंद मुनि(नंदलाल भाटिया) को श्रद्धांजलि दी।
श्री भाटिया ने कार्यक्रम का शुभारंभ अपने माता-पिता के प्रिय दो मंत्रों को पढ़कर किया। ओम जीवेत शरद: शतम्- वेद मंत्र से शतायु होने की कामना की वही महामृत्युंजय मंत्र का‌ संदेश दिया जिसे दुनिया से विदा होते समय किसी को कोई कष्ट ना हो।
उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार में पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी डॉक्टर अरुण कुमार पांडा(पूर्व आईएएस अधिकारी)और  अध्यक्षता कर रहे आई एम ए के पूर्व महासचिव  डॉ डी आर राय तथा मुख्य वक्ता दिल्ली मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष डॉ नरेश चावला का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि डॉक्टर पांडा ने कहा की सरकार कम्युनिकेबल डिसीजिज पर ध्यान देने के साथ-साथ लोगों के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल का भी प्रयास कर रही है ।एम्स जैसे अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का इजाफा हो रहा है। ड्रग और डायग्नोस्टिक के लिए एनएचएम में प्रयास किया गया है ,जैसे इंद्रधनुष कार्यक्रम के द्वारा टीकाकरण और इम्यूनाइजेशन बढ़ा है। बाल मृत्यु दर को रोकने के लिए सरकार ने डायरिया और निमोनिया को रोकने का प्रयास किया है।
कोरोना काल में सरकार ने वैक्सीनेशन से मृत्यु दर को रोका वहीं अब आयुष्मान व जन आरोग्य योजना और जेनेरिक दवाईयां तथा इंश्योरेंस क्षेत्र आदि में सुधार किया गया है।70 वर्ष से अधिक उम्र के लिए आयुष्मान वय योजना सभी। बुज़ुर्गों के लिए सरकार का अच्छा कदम है।

 डॉ डी आर राय ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से सभी को स्वास्थ्य सेवाएं तभी उपलब्ध होगी जब उस सेवा को लेने के लिए लोग सक्षम हों और उनके पास रोजगार हो। अगर प्राइमरी हेल्थ सेंटर को मजबूत कर दिया जाए, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर हो जाए  और इंफ्रास्ट्रक्चर की अत्याधुनिक सुविधा हो जाए तो सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज साकार हो सकता है। 

डॉक्टर नरेश चावला ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केवल सरकार व निजी क्षेत्र से नहीं आ सकता बल्कि जनता को भी स्वस्थ रहने का‌ प्रयास  करना होगा, तभी सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज और संयुक्त राष्ट्र का स्वास्थ्य सेवाओं में न्यूनतम मानक 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 12/12/2024

मुनि स्कूल के सहयोग से गीता जयंती और यूनिसेफ डे पर 293वां आरजेएस पीबीएच वेबिनार संपन्न.

चिन्मय मिशन,पटियाला के आचार्य स्वामी माधवानंद ने आरजेसियंस को गीता सार बताया.

नई दिल्ली। गीता मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने का माध्यम है। गीता जयंती और यूनिसेफ डे के अवसर पर 11 दिसंबर 2024 को राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में  मुनि इंटरनेशनल स्कूल, मोहन गार्डन,नई दिल्ली के सहयोग से 293वां वेबिनार का आयोजन किया गया। आरजेएशिएन्स ने डा. अशोक कुमार ठाकुर के माता-पिता स्व० लाल मुनि देवी और स्व० रामायण सिंह को श्रद्धांजलि दी।
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन,
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
गीता के इस श्लोक से बीडीएसएल महिला काॅलेज, जमशेदपुर की प्राचार्या ने कार्यक्रम की शुरुआत की और संचालन किया । "मानवीय मूल्यों में परिवार की भूमिका" विषय पर कहा कि 
गीता पूरी मानवता के लिए धरोहर है। संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) बच्चों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने में  मददगार है। मुनि इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डा. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि गीता हमें अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाती है।सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी विद्यार्थियों का निर्माण करना जरूरी है। मुनि स्कूल में विद्यार्थी नैतिक मूल्यों को शिक्षकों के आचरण से सीख लेते हैं। समाज में अभय हो वस्तुओं व विचारों का खुले दिल से आदान-प्रदान हो तो सही आदमी का निर्माण हो सकता है।
मुख्य अतिथि चिन्मय मिशन, पटियाला के आचार्य स्वामी माधवानंद जी ने गीता के कर्म योग,भक्ति योग और ज्ञान योग को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि "आई हैव नो प्रॉब्लम, आई एम द प्रॉब्लम"। उपनिषद अरण्य है और गीता रण है।
70 -80 साल की जिंदगी में अहंकार रहित तथा संबध रहित एवं संबंध सहित सकारात्मक जीवन सफल जीवन है। अहंकार व आसक्ति ही दुख का कारण है- "बी गुड डू गुड". प्रयागराज के महाकुंभ पर बोलते हुए स्वामी जी ने कहा कि आध्यात्मिक रूप से विश्व समाज-परिवार को जोड़कर एक आस्था परंपरा और साधना का स्थल है - महाकुंभ। सनातन धर्म में साधना है -तीर्थ और यज्ञ।   ये तभी सफल होंगे जब संत समागम व सत्संग होगा।
शास्त्र व गुरु के माध्यम से ही परमात्मा से जुड़ सकते हैं। उन्होंने आरजेएस के वैश्विक आंदोलन की सराहना की। कार्यक्रम में आरजेसियंस के चिन्मय मिशन पटियाला की विगत आध्यात्मिक व सांस्कृतिक यात्रा पर भी प्रकाश डाला गया और उदय मन्ना के संयोजन में पाॅजिटिव मीडिया फैमिली को चिन्मय मिशन के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम में सकारात्मक व्यक्तित्व की धनी बीना जैन , सुरजीत सिंह दीदेवार, ओमप्रकाश झुनझुनवाला- कौशल्या देवी, राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, स्वीटी पॉल, सुदीप साहू, आशीष रंजन, आराध्या,मयंक,डीपी कुशवाहा,गोविंद के , अर्श खान, आकांक्षा,जोहरा ज़ैद,आरके गुप्ता और  नरेंद्र टटेसर आदि अनेक राज्यों से आरजेसियंस शामिल हुए और स्वामी जी से उपनिषद और गीता सार को समझने का‌ प्रयास किए।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 8/12/2024

देशहित में सकारात्मक कार्य करने वाले सभी देशभक्त हैं- आरजेएस पीबीएच वेबिनार 

आरजेएस के झंडा दिवस व विजय दिवस कार्यक्रम में शबनम फाजिल खान के अब्बाजान को आरजेसियंस  ने दी श्रद्धांजलि.

गीता जयंती पर 11 दिसंबर को मुनि स्कूल के सहयोग से होगा आरजेएस वेबिनार 

15 दिसंबर को होगा ट्रू आरजेसियंस -राइजिंग आरजेसियंस- स्मार्ट आरजेसियंस सम्मेलन 

नई दिल्ली । राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच)- आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में 292 वीं वेबीनार का आयोजन मौ.फाजिल खान की स्मृति में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये 8 दिसंबर 2024 को संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में आयोजित किया गया. 
कार्यक्रम के सह-आयोजक 
मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम फाजिल खान ने अपने पिताजी मोहम्मद फाजिल खान  के बारे में 
प्रेरक संस्मरण सुनाए।
उन्होंने कहा कि उनके श्रद्धेय पिताजी परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद के साथी सैनिक रहे थे। देशभक्ति और जन सेवा में उनका पूरा विश्वास था। मुझे गर्व है कि मैं फौजी की बेटी हूं।फौजी देश के लिए सोचता है,देश ने उसके लिए क्या किया ये नहीं सोचता।
मै आज भी दिवंगत पिता जी की मजार पर उनका आशीर्वाद लेने नियमित जाती हूं।
वीर चक्र प्राप्त कर्नल टीपी त्यागी ,बीएसएफ के पूर्व एडीजी संजीव कृष्णन सूद, 
आकाशवाणी के पूर्व निदेशक व कार्यक्रम प्रमुख एम एस रावत ,वेटेरन इंडिया के संस्थापक डा.विनय कुमार मिश्रा ने अपने विचार प्रकट किये।  वक्ताओं ने कहा कि विजय दिवस 16‌दिसंबर को बांग्ला देश पर 1971 की विजय पर मनाया जाता है. सात दिसम्बर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है. झंडा दिवस का मकसद सैनिक परिवार की मदद करना है. विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष  वीर चक्र प्राप्त कर्नल त्यागी ने आपसी अभिवादन में जयहिंद का प्रयोग करने का आह्वान किया और कहा कि सीमा पर गोली का जवाब गोली ही होता है। 
मुख्य वक्ता डा. बिनय कुमार मिश्रा संस्थापक वेटरन्स इंडिया ने कहा कि 
आरजेएस पीबीएच के कार्यक्रमों से देश में सकारात्मक ऊर्जा का अविरल प्रवाह होता रहता है। वेटरन्स इंडिया 16 दिसंबर के उपलक्ष्य में सैनिकों का भव्य कार्यक्रम करता है। सैनिकों के सम्मान से युवाओं को प्रेरणा मिलती है।
मुख्य अतिथि संजीव कृष्णन सूद बीएसएफ के पूर्व डीजी ने बताया कि भारत विभिन्नता में एकता की मिसाल है और यही हमारी ताकत भी है।  सकारात्मक कार्य करने वाले सभी देशभक्त हैं। सेना में जवानों का पूरा ख्याल रखा जाता है. उनको इमोशनल सपोर्ट तथा मानसिक समस्या से निजात दिलाने के लिये काउंसिलिंग की जाती है. आज सेना में भर्ती को लेकर यूवाओ को और अधिक आकर्षित करने की जरूरत है।
ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व निदेशक व कार्यक्रम प्रमुख मनोहर सिंह रावत ने बताया कि आकाशवाणी साप्ताहिक कार्यक्रम "संदेश टू सोल्जर्स"  का प्रसारण सैनिकों के लिये करता है. विविध भारती सैनिकों के लिये शाम सात बजे जयमाला कार्यक्रम पेश करता है.इसमें सैनिक भाई अपनी फरमाईश के गीत सुन सकते हैं.आरजेएस ऑब्जर्वर दीप माथुर ने 15 जनवरी को प्रवासी भारत उत्सव 2025 को सहयोग व समर्थन करने की अपील की। आनेवाले दिनों में सकारात्मक विषयों पर पूरे विश्व में आरजेएस पीबीएच का आंदोलन विश्व शांति के लिए आवश्यक कदम है।
कार्यक्रम के सह- आयोजक शबनम खान ने मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर पर प्रकाश डाला और  धन्यवाद ज्ञापित किया.श्री उदय मन्ना ने बताया कि मुनि इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सेवानिवृत्त सैनिक डा अशोक कुमार ठाकुर के सहयोग से ग्यारह दिसंबर को सायं 6 बजे गीता जयंती पर मानवीय मूल्यों में परिवार की भूमिका विषय पर आरजेएस पीबीएच वेबिनार आयोजित करेगा। उन्होंने टेक्नीकल टीम और सभी प्रतिभागियों का सैनिकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में सुरजीत सिंह दीदेवार, ओमप्रकाश झुनझुनवाला, स्वीटी पॉल, सुदीप साहू, गिरी, मयंक,नरेंद्र सिंह, सोनू कुमार, बिन्दा मन्ना,आशीष रंजन ,इशहाक खान और आकांक्षा आदि शामिल हुए।

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
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प्रेस विज्ञप्ति 6/12/2024

 आरजेएस के कार्यक्रम में डा.अम्बेडकर व  स्वीटी पॉल के माता-पिता को श्रद्धांजलि.

"बुजुर्ग प्रियजनों की देखभाल" कार्यक्रम में आरजेसियंस को मिली चार डाॅक्टरों की सलाह. 

नई दिल्ली। राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में सह-आयोजक स्वीटी पॉल 
पूर्व प्रबंधक आईटीपीओ,नई दिल्ली ने बुजुर्ग प्रियजनों की देखभाल पर 291वां कार्यक्रम आयोजित किया। संविधान निर्माता बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण 6 दिसंबर की पूर्व संध्या पर उनकी स्मृति को नमन् किया गया और स्वीटी पॉल के माता-पिता स्व० भगवती सक्सेना और ओमप्रकाश सक्सेना को भी श्रद्धांजलि दी गई।
स्वीटी पॉल ने मुख्य अतिथि डा.जी एस ग्रेवाल,एल्डर केयर कंसल्टेंट, डा.अजित सैगल ऑर्थोपेडिक सर्जन,डा.बेला सैगल स्त्री रोग विशेषज्ञ और डा.आनंद शर्मा नेत्ररोग विशेषज्ञ का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों को गोल्डन क्वाइन कहते हुए उनके योगदान को याद किया और अपनी जन्मदात्री की पसंदीदा प्रेयर को गाकर  प्रतिभागियों को भावविभोर कर दिया " भगवान मेरा जीवन संसार के लिए हो,
ये जिंदगी हो लेकिन उपकार के लिए हो.....".
उनकी मां ने सिखाया था कि बुजुर्गों का अनादर हो तो विरोध करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी सास छः महीने बिस्तर पर थी तब उन्होंने उनकी सेवा की। मां और सास दोनों ने ज्ञान और संस्कार दिए इसलिए आज मैं आरजेएस पीबीएच के सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन से जुड़कर 15 जनवरी 2025 के वसुधैव कुटुम्बकम का अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम "प्रवासी भारत उत्सव" की तैयारी कर पा रही हूं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मुख्यतः इन बातों पर ध्यान दिलाया --
वरिष्ठ नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, जिसमें नेत्र परीक्षण, श्रवण परीक्षण और संज्ञानात्मक मूल्यांकन शामिल हैं। • आनुवांशिक स्थितियों को समझने और उपचार के तरीकों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पेस मेकर को चमत्कारी उपाय बताया गया। एडवांस्ड मेडिकल डायरेक्टिव (एएमडी) नामक कानूनी दस्तावेज का उपयोग कर बुजुर्ग व्यक्ति के असमर्थ होने की स्थिति में कोई और व्यक्ति उनकी ओर से निर्णय ले सकता है।
 वरिष्ठ नागरिकों को उचित नेत्र देखभाल का अभ्यास करना चाहिए, जिसमें स्क्रीन टाइम और बाहरी गतिविधियों से नियमित ब्रेक शामिल है। • वरिष्ठ नागरिकों को अच्छी स्वच्छता की आदतें बनाए रखनी चाहिए, विशेष रूप से मूत्र और योनि के स्वास्थ्य के लिए। •  देखभाल करने वालों कोबुजुर्गों को गिरने से बचाने के लिए एक सुरक्षित घरेलू वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए, जिसमें गैर-फिसलन वाली सतह और उचित प्रकाश व्यवस्था शामिल है। • वरिष्ठ नागरिकों को फ्लू के टीके और न्यूमोकोकल टीके सहित अनुशंसित टीके लगवाने चाहिए। • वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन से लड़ने और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सामाजिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए। • वरिष्ठ नागरिकों को एक उन्नत चिकित्सा निर्देश तैयार करने पर विचार करना चाहिए।   • बुजुर्गों को सोयाबीन,दाल,नट्स, स्प्राउट्स जैसे  प्राकृतिक चीजों का सेवन करना चाहिए। विटामिन बी 12 और डी के साथ प्रोटीनयुक्त आहार को खाने में शामिल करने पर बल दिया गया। साथ ही फ्रेक्चर को रोकने पर सलाह दी गई।आरजेएस पीबीएच बैठक की सामग्री को समाचार पत्र और यूट्यूब के माध्यम से डिजिटल और न्यूज़ लेटर तथा पुस्तकों के माध्यम से दस्तावेजीकरण करता है  •

आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
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प्रेस विज्ञप्ति 1/12/2024

 उपभोक्ताओं के सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का अधिकार विषय पर आरजेएस पीबीएच वेबिनार आयोजित.

मंत्रालय समन्वय स्थापित कर स्थानीय भाषाओं में उपभोक्ताओं को जागरूक करें - प्रो.बिजाॅन मिश्रा 

नई दिल्ली। "अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः। यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः" गीता के श्लोक से "उपभोक्ताओं का स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित भोजन का अधिकार" विषय पर आरजेएस पीबीएच -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया वेबिनार का 289 वां संस्करण पेशेंट सेफ्टी एंड ऐक्सेस इनिशिएटिव ऑफ इंडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल डी शेठ ने प्रारंभ किया। कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के सहयोग से आरजेएस पीबीएच संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में आयोजित वेबिनार में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. निर्मल गांगुली पूर्व महानिदेशक ICMR और पूर्व चेयरमैन एपेक्स टेक्निकल कमिटी एफएसएसएआई, मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् दिलनवाज वारयावा, अंतर्राष्ट्रीय उपभोक्ता नीति विशेषज्ञ प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा और हैल्दी यूं फाउंडेशन की चेयरपर्सन बीना जैन का स्वागत करते हुए श्री प्रफुल्ल शेठ ने भोजन की बर्बादी को कम करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहतर खाद्य प्रसंस्करण, बुनियादी ढांचे ,प्रौद्योगिकी और किसान समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ निर्मल गांगुली ने विभिन्न खाद्य सुरक्षा मुद्दों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। उन्होंने फसलों को बेहतर बनाने के लिए किस पर तकनीक का उपयोग करने भारत के कुछ हिस्सों में भोजन और पानी में आर्सेनिक दूर करने और कीटनाशकों को कम कर स्वास्थ्य खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आह्वान किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के स्टार सिस्टम से गुणवत्ता लाने का समाधान बताया।
पर्यावरणविद्  दिलनवाज वारियावा ने अनुवांशिक रूप से संशोधित जीएम फसलों विशेष रूप से  ग्लाइफोसेट के नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की जिसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और पर्यावरणक्षरण से जोड़ा गया है। उन्होंने केंद्र सरकार की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के मिशन की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रोफेसर बिजाॅन कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी मंत्रालय समन्वय स्थापित कर स्थानीय भाषाओं में उपभोक्ताओं को जागरूक करें । उन्होंने 
भारत में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के इतिहास और विकास पर चर्चा की। उन्होंने शुरुआती वर्षों में सामने आई चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जिसमें प्राधिकरण को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का हिस्सा बनाने का दबाव भी शामिल था, जो खाद्य सुरक्षा पर उद्योग हितों को प्राथमिकता देता। प्रोफेसर मिश्रा ने प्राधिकरण के संस्थापक सदस्य के रूप में अपने अनुभव को भी साझा किया, जो उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, और प्रशासनिक गतिविधियों से नीति-निर्माण और मानकों पर ध्यान केंद्रित करने में बदलाव को नोट किया। उन्होंने प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी पर चिंता व्यक्त की, जो नागरिकों को पौष्टिक, सुलभ और किफ़ायती भोजन उपलब्ध कराने के लक्ष्य में बाधा डालती है। प्रोफेसर मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए नीति-निर्माण और जमीनी स्तर की गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों के सवालों का जवाब दिया गया।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन 
हैल्दी यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन बीना जैन ने किया। अंत में आरजेएस पीबीएच संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी और गणतंत्र दिवस पर प्रवासी भारत सम्मान 2025 मीडिया कांफ्रेंस 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में करने की घोषणा की। कार्यक्रम में रजनीकांत शुक्ला, सुरजीत सिंह ,रंजन बेन, एसबी दंगायत, आर एस कुशवाहा ,विजय शंकर वर्मा,सुदीप साहू ,स्वीटी पॉल ,इशहाक खान, कुलदीप राय ,सत्येंद्र- सुमन त्यागी ,जगत भाई कंथारिया, ऋषिकेश पांडा,  आरबी मावसनी, डा. पीएल साहू लवी तिखा, गुंजन गुप्ता आदि मौजूद रहे।


आकांक्षा 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएच 
8368626368

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